घर बैठे यूरिक एसिड को शरीर से करें कम
यूरिक एसिड एक आम समस्या बन चुकी है| लेकिन ऐसा नहीं है कि ये बीमारी कोई नई है| पहले भी इस बीमारी से लोग परेशान हुआ करते थे लेकिन उस समय जोड़ों के दर्द, उँगलियों में सूजन और जोड़ों में गांठ की शिकायत को सामान्य दर्द की तरह समझा जाता था| वैसे तो स्थिति आज भी कुछ ज्यादा नहीं बदली है लेकिन आज यूरिक एसिड के निदान के लिए कई तरह के उपचार उपलब्ध हो चुके है| यूरिक एसिड के लक्षणों की सही जानकारी और सही उपचार नहीं लेने से ये बीमारी दिन प्रतिदिन बढ़ती रहती है| यूरिक एसिड की समस्या से पीड़ित पहले एलोपैथी दवाओं का सेवन करता हैं| लेकिन सच्चाई यह है कि यूरिक एसिड पीड़ित को एलोपैथी दवाई से किसी भी प्रकार का असर नहीं दिखाई नहीं देता क्योकि यूरिक एसिड का अभी तक सफल एलोपैथी ट्रीटमेंट नहीं है| लेकिन आयुर्वेद में आज भी आप घर बैठे आयुर्वेदिक ट्रीटमेंट (Uric Acid treatment in Ayurveda) से यूरिक एसिड से छुटकारा आ सकते है|
आइये जानते हैं कि आखिर किन कारणों से शरीर में यूरिक एसिड बनता है !
सबसे पहले तो यह जानने की आवश्यकता होती है कि यूरिक एसिड क्या है?
यूरिक एसिड एक टॉक्सिन मेटाबॉलिज्म है जो शरीर में मेटाबॉलिज्म से उत्पादित होने वाले कण होते है और किडनी से फिल्टर होकर पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाते है| लेकिन अनियमित खान-पान से कारण मेटाबॉलिज्म ठीक से काम नहीं कर पता ऐसी स्थिति में किडनी मेटाबॉलिज्म से उत्पादित कणों को ठीक से फिल्टर नहीं कर पाती जिसके कारण ये छोटे छोटे कण किडनी में स्टोर होने लगते है और कुछ समय के बाद ये स्टोन बनने लगते है जिसे सामान्य शब्दों में किडनी स्टोन कहा जाता है| यूरिक एसिड किडनी में स्टोर होने वाला प्यूरीन नामक कैमिकल होता है जिसे किडनी फ़िल्टर नहीं कर पाती और इसके कारण यूरिक एसिड से पीड़ित को जोड़ों के गांठ में होने वाले दर्द या गाउट से गुजरना पड़ता है|
इन लक्षणों से करें पहचान
- जोड़ों में दर्द होना
- उंगलियों में सूजन आ जाना और चुभन वाला दर्द
- जोड़ों में गांठ की शिकायत होना
- उठने-बैठने में परेशानी होना
- थकान
- गुर्दे की पथरी
- बुखार और ठंड
यूरिक एसिड को कम करने के लिए क्या खाएं?
सेब का करें सेवन:
रोज़ एक सेब खाएं और डॉक्टर को दूर भगाएं। सेब मैलिक एसिड से भरपूर होता है इसलिए ये रक्त प्रवाह में यूरिक एसिड को बेअसर करता हैं। जिन लोगों की बॉडी में यूरिक एसिड की मात्रा ज्यादा होती है उनके लिए ये बेहद फायदेमंद है।
ककड़ी और गाजर:
अगर आपके शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक है तो गाजर और खीरा स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा है। गाजर एंटी-ऑक्सिडेंट में बेहद समृद्ध हैं जो एंजाइम के उत्पादन को नियंत्रित करने में मदद करती है। अपने उच्च फाइबर सामग्री के कारण, वे यूरिक एसिड सामग्री को शरीर से बाहर निकालने में भी सहायक होती हैं। ककड़ी उन लोगों के लिए एक बढ़िया विकल्प है जिनके रक्त में उच्च यूरिक एसिड होता है।
नींबू का करें सेवन:
एक गिलास पानी में आधा नींबू का रस निचोड़ें और इसे रोज पियें। नींबू के रस में साइट्रिक एसिड पाया जाता है जो यूरिक एसिड का एक सोल्वेंट होता है, जिसे अपनी डाइट में शामिल करना उच्च यूरिक एसिड स्तर को रोकने में सहायक होता है।
केला:
केला सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। यह बॉडी से अतिरिक्त यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मददगार है।इसलिए यूरिक एसिड से पीड़ित व्यक्ति को सुबह खाली पेट और शाम के समय के केला का सेवन करना चाहिए|
यूरिक एसिड से जुड़े मिथक -
कुछ लोगों का मानना है कि पालक का सेवन करने से यूरिक एसिड बढ़ जाता है, लेकिन पालक का सीमित मात्रा में सेवन करने से कोई समस्या नहीं होता है| इसके अलावा, दूध और डेयरी प्रोडक्ट का सेवन करना भी सुरक्षित है, सही अनुपात में अंडे का सेवन करने से भी यूरिक एसिड का लेवल नहीं बढ़ता हैं| मांस और मछली आपके यूरिक एसिड के स्तर को नहीं बढ़ाते हैं. आप इन्हें सीमित मात्रा में सप्ताह में दो से तीन बार खा सकते हैं| इसी प्रकार व्यायाम के ठीक बाद व्हे प्रोटीन का सेवन किया जा सकता है. मौसम के अनुसार बाजरे का सेवन भी सुरक्षित है|
यूरिक एसिड में क्या नहीं खाना चाहिए?
क्या ना खाएं- केचप, टेट्रा पैक जूस, चॉकलेट, चिप्स और बिस्किट आदि के सेवन से बचें. इनका सेवन शरीर में यूरिक एसिड के लेवल को काफी हद तक बढ़ा सकता है| इसलिए यूरिक एसिड से पीड़ित व्यक्ति को इन्हें अवॉइड ही करना चाहिए|
आप जितनी ज्यादा फैटी चीजें खाएंगे यूरिक एसिड के लिए उतना ही बुरा होगा. अगर आपका युरिक एसिड बढ़ा हुआ है तो फैटी और शुगर से भरपूर खान-पान से खुद को दूर रखें| यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या होने पर एल्कोहोल का सेवन न करें|
आयुर्वेदिक उपचार के साथ संतुलित डाइट प्लान को फॉलो करके यूरिक एसिड को बढ़ने से रोक सकते है और इस समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा भी पा सकते है|
आयुर्वेदिक चिकित्सा.....
सुरक्षित उपचार.....
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